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मंगलवार, अक्तूबर 04, 2011

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जन्म दिन का ग्रह और जन्म वक्त का ग्रह


(अ) जन्म दिन के ग्रह को गिनते हैं किस्मत को, ग्रह को जगाने वाले ग्रह का पक्का घर या राशिफल यानि जिस का उपाय हो सके |

(आ) जनम वक्त के ग्रह को गिनते हैं | किस्मत का ग्रह, और ग्रहफल यानि जिस का दिया हुआ फल (अच्छा या बुरा) अटल हो और कोई उपाय न हो सके |

मसलन (उदाहरण) पैदाइश हो सोमवार, बवक्त पक्की शाम कि तो दिन का मुतल्ल्क ग्रह होगा चन्द्र और वक्त का मुतल्ल्का ग्रह लेंगे राहू |

अब जन्म वक्त के ग्रह को जन्म दिन के मुतल्ल्क ग्रह के पक्के घर को गिनेंगे यानि अब राहू (जो जन्म वक्त का ग्रह है) चन्द्र (जो जन्म दिन का ग्रह है) के पक्के घर (फेहरिस्त, सूची के अनुसार) खाना न: 4 में होगा | क्योंकि जन्म दिन का मुत्ल्ल्का ग्रह राशिफल या काबिल उपाय होना माना है |

इसलिए न: 4 का राहू खाना न:4 की मुतल्ल्क वस्तुएं रिश्तेदार या कारोबार मुतल्ल्का नंबर 4 पर कभी बुरा असर न देगा | अगर कभी बुरा असर देवे भी तो चन्द्र के उपाय से नेक असर हो जायेगा |



पापी ग्रह हमेशा राहू केतु शनि तीनों ही बेमुराद हों

पाप सिर्फ राहू और केतु दोनों इकठठे (मुश्तरका) पाप के नाम से याद किये जाते हैं |

1. खाना नंबर 2 धर्म स्थान,

खाना नंबर 5 आइन्दा औलाद,

खाना नंबर 8 मार्ग स्थान,

खाना नंबर 11 धर्मदरबार निश्चित होने की वज़ह से जुदा रहेंगे |

लाल किताब पन्ना नंबर 42

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