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Lal Kitab 1952

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Lal Kitab 1940

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Product Name : Lal Kitab 1940 Hard Copy + DVD (Free)

Author : Vaneet Nagpal Payable Price : 1099/- (Inclusive all taxes) Couriers Charges : Free ! Hurry Up
अब आप PayTM के द्वारा पेमेंट कर सकते हैं, आप यहाँ पर दिए गए कोड को स्केन करें व यहाँ पर दी गई रकम का चयन करें, व सेंड कर दें, पेमेंट का स्क्रीन शाट आप मोबाइल नंबर 09877116557 पर भेजें व इसके साथ ही अपना पूरा पता व मोबाइल नंबर भी सेंड करें|

लाल किताब का बेसिक कोर्स का 5वां बैच 16 मार्च 2019 को शुरू किया जा रहा है| लाल किताब को सीखने के लिए आप इस दिए गए नंबर पर Contact कर सकते हैं Mobile Np. 09646042574


इस कोर्स में पढाए जाने वाले विषय हैं :-

1. ग्रहों की मुखतलिफ़ हालतें
2. ग्रहों की आम साल
3. ग्रहों की एक साल में असर करने का वक़्त
4. ख़ाना नंबर की उम्र
5. ग्रह की उम्र का असर
6. रियायती चालीस दिन
7. टकराव व बर्ताव का पैमाना
8. 35 साला चक्कर
9. जन्म दिन का ग्रह
10. जन्म वक़्त का ग्रह
11. धर्मी ग्रह
12. अंधे ग्रह
13. साथी ग्रह
14. शनि का चौरस्ता पर उपाय किया जाए धर्मस्थान का काम देगा पर कैसे बना
15. ग्रह और राशि का आपस में ताल्लुक़
16. ग्रह व राशियों की आपसी गलतफ़हमी
17.ख़ाना नंबर 1
18. ख़ाना नंबर 2
19. ख़ाना नंबर 3
20. ख़ाना नंबर 4
21 ख़ाना नंबर 5
22. ख़ाना नंबर 6
23. ख़ाना नंबर 7
24. ख़ाना नंबर 8
25. ख़ाना नंबर 9
26. ख़ाना नंबर 10
27. ख़ाना नंबर 11
28. ख़ाना नंबर 12
29. पहले घर कौन से व बाद के घर कौन से
30. सोया हुआ घर
31. सोया हुआ ग्रह
32. ग्रहों की दृष्टियाँ
33. उलटे घर
34. 100 फ़ीसदी व अपने से सातवें को देखने का फ़र्क
35. योग दृष्टि सेहत बीमारी के समय का टेबल
36. ग्रहों का टकराव
37. ग्रहों का धोखा
38. ग्रहों की अचानक चौट
39. ऋण पितृ का ग्रह
40. ऋण पितृ की पहली हालत और उपाय
41. ऋण पितृ की दूसरी हालत और उपाय
42. महादशा का ग्रह
43. चंद्र कुंडली
44. धोखे का घर कैसे निकालें
45. मददगार उपाय
46. जन्म दिन और जन्म वक़्त के हिसाब उपाय
47. ग्रह का उपाय
48. मसनुई ग्रहों के भेद
49. ख़ाना नंबर 1-7-8-11 का मुश्तरका असर
50. ख़ाना नंबर 2-8-12-6 का मुश्तरका असर
51. ख़ाना नंबर 3-11-5-9-10 का मुस्तरका असर
52. ख़ाना नंबर 4-10-2 का मुश्तरका असर
53. ग्रह कुंडली की मकान के हिसाब से जाँच
54.मकान की हालत मालूम होने पर टेवा बनाने का ढंग
55.वर्षफल बनाने का ढंग

लाल किताब 1952 अब बुक के रूप में

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Product Name : Lal Kitab 1952 Hard Copy

Author : Vaneet Nagpal Rate : 2100/-
25% Discount
Payable Price : 1575/- (Inclusive all taxes) Couriers Charges : Free ! Hurry Up
अब आप PayTM के द्वारा पेमेंट कर सकते हैं, आप यहाँ पर दिए गए कोड को स्केन करें व यहाँ पर दी गई रकम का चयन करें, व सेंड कर दें, पेमेंट का स्क्रीन शाट आप मोबाइल नंबर 09877116557 पर भेजें व इसके साथ ही अपना पूरा पता व मोबाइल नंबर भी सेंड करें|

Crow-grass

आज फिर से लाल किताब के अनुसार बात करते हैं। लाल किताब में एक बहुत ही कारामद उपाय बताया गया है "गऊ-ग्रास" इस उपाय को कैसे किया जाता है, आप को ये बताने का प्रयास किया जा रहा है। आप अपने भोजन ग्रहण के वक़्त अपने भोजन में से हर पदार्थ के तीन भाग (हिस्से) अलग से निकाल कर रख दें। इन तीन हिस्सों को ही गऊ-ग्रास कहते हैं। इन तीन हिस्सों में से एक हिस्सा गाय को, एक हिस्सा कुत्ते को, व एक हिस्सा कौए को (Crow) को खिलाना ही गऊ-ग्रास है। अब साथ ही ये उपाय किया क्यों जाता है इसे भी समझ लें। गाय को शुक्कर से संबंधित माना गया है लाल किताब में। इंसान का भोजन या अनाज का एक हिस्सा गाय को देने का मतलब है, शुक्कर की मदद प्राप्त करना या शुक्कर को नेक करना। औलाद के लिए केतु का उपाय करने के लिए कहा गया है। तो अपने भोजन का एक हिस्सा कुत्ते को देने से केतु की मदद पाने के लिए किया जाता है धन दौलत की हानि के लिए कौए को अपनी खुराक का हिस्सा देना मतलब शनि की सहायता प्राप्त करना है। तो इस प्रकार ये उपाय करने से तीन ग्रहों का फल प्राप्त किये जाने का उपाय बताया गया है लाल किताब। देखने में ये उपाय साधारण सा लगता है, लेकिन इस उपाय को करके देखें। रिज़ल्ट आपको हैरान कर देंगे
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इस नन्हें बच्चे की मुठ्ठी में पकड़ा देव आकाश का है

आज का विषय लाल किताब से संबंधित है। लाल किताब की भाषा अलंकारिक भाषा है और इस में लिखी गई पंक्तियां लाल किताब पढ़ने वाले को आसानी से समझ में नहीं आती।


आज हम लाल किताब में लिखी इसी प्रकार की पंक्तियों को आम साधारण भाषा में समझने का प्रयास करेंगे लाल किताब 1952 के पेज नंबर 12 पर लिखा गया है।

इस बच्चे की नन्हीं मुट्ठी में पकड़ा देव आकाश का है,
भरा खजाना जिसके अंदर निधि सिद्धि की माला है।


अब इस पहली पंक्ति की ओर ध्यान देते हैं इस पहली पंक्ति में लिखा गया है :-

"इस बच्चे की नन्ही मुट्ठी में पकड़ा देव आकाश का है"

तो इस पहली पंक्ति में लाल किताब के रचियता पंडित रूप चंद जोशी जी ने आम भाषा में यह लिख दिया कि जब एक छोटा सा बच्चा जो जन्म लेता है उसने अपने हाथ में आकाश देव को पकड़ा हुआ है।

लाल किताब को पढ़ने वाला एक आम व्यकि तो क्या लगभग आम सोच रखने वाला व्यक्ति भी यही समझेगा कि क्या ऐसा संभव हो सकता है, तो हर किसी का जवाब नहीं होगा, और उसका जवाब होगा कि एक नन्हा सा बच्चा आकाश को कैसे पकड़ सकता है ?

वैसे भी ये ज़ाहिर सी बात है एक नन्हा बच्चा आकाश को नहीं पकड़ सकता वह अपनी बंद मुठ्ठियाँ तो खोल नहीं सकता किसी चीज को पकड़ेगा कैसे ?

तो अब जब लाल किताब में ऐसा लिखा गया है तो इसका मतलब भी होगा, ज़ाहिर सी बात है कि ये कोई काल्पनिक किरदार तो है नहीं, सामुद्रिक विधा पर लिखी गई लाल किताब एक अनमोल कृति है।

तो इस पहली पंक्ति में होगा आकाश मंडल में स्थित ग्रहों की स्थिति की मौजूदगी का वर्णन किया है, न कि आकाश (बुध) को मुठ्ठी में पकड़ने की बात की गई है।

हो सकता है कई एक को ये बात हास्यपद लगे लेकिन जब इस लिखी गई पंक्ति का मतलब समझ लेंगे तब दांतों तले उंगली दबाने को मजबूर हो जायेंगे।

वैसे तो लाल किताब आम भाषा में लिखी गई है, लेकिन इसमें लिखी गई हर एक पंक्ति, हर एक अल्फ़ाज़, हर एक शब्द, की अपनी अहमीयत है, ये शब्द सामुद्रिक विधा (जयोतिष) से संबन्ध रखता है।

इसलिए इस पंक्ति का उत्तर देखने के लिए या उत्तर समझने के लिए हमें अपना दृष्टिकोण भी बदलना होगा यानि इसे ज़योतिष्य नज़रिये से देखना व समझना होगा।

और इस तरीके से समझना हो तो इस लाइन में यह लिखा है कि एक बच्चा जब जन्म लेता है तो आकाश मंडल में ग्रहों की जो स्थिति होती है, वह आकाशमंडल में स्थित ग्रहों की स्थिति का खाका या नक्शा वह जन्म लेने वाला बच्चा अपने हाथ पर एक ख़ाके के रूप में लेकर आता है|

बुध को लाल किताब में आकाश माना गया है आकाश के ऊपर ही सभी ग्रह आसमान में जिसे हम आकाशगंगा कहते हैं घूम रहे होते हैं।

तो यहां पर लाल किताब के रचिता पंडित रूप चंद जोशी जी ने यह बताने का प्रयास किया है कि इस बुध यानि आकाश के दायरे में सभी ग्रह घूम रहे हैं और बच्चे के जन्म के समय ग्रहों की स्थिति जिस प्रकार होती है वह इस बुध के दायरे में मौजूद मानी जाएगी, और इन ग्रहों की स्थिति का चित्र हाथ पर रेखाओं के रूप में मौजूद होगा|

तो आप देखिए पंडित जी ने कैसे आम भाषा में इसको समझाने का प्रयास किया है यानि की आकाश मंडल में ग्रहों की स्थिति को समझाने का प्रयास किया है|

इस प्रकार आप लाल किताब को पढ़ते समय यदि इस तरह का नजरिया अपनाएंगे तो यह किताब खुद-ब-खुद आपके सामने खुलती चली जाए आज की पोस्ट का मंतव्य भी यही था कि लाल किताब को समझा कैसे जाए ?